फीस बढ़ाने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ दिल्ली सरकार हुई सख्त

  |    May 14th, 2018   |   0

दो प्राइवेट स्कूलों को बढ़ी हुई फीस तुरंत वापस लेने के निर्दश

नई दिल्ली (संवाददाता)- दिल्ली में मनमाने तरीके से फीस बढ़ाने और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वाले प्राइवेट स्कूलों के खिलाफ दिल्ली सरकार ने सख्त रुख अपनाया है।

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से उनके आवास पर जनता संवाद के दौरान कुछ पैरेंट्स मिले और उन्होंने कुछ प्राइवेट स्कूलों की मनमानी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद मुख्यमंत्री के निर्देश पर ये  सख्त कार्रवाई शुरू की गई है।

कुछ पैरेंट्स ने मुख्यमंत्री के समक्ष एक शिकायत दर्ज कराई गई कि एक प्राइवेट स्कूल विक्टर पब्लिक स्कूल, मौजपुर आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) के विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफार्म, स्टेशनरी और किताबें इत्यादि नहीं मुहैया नहीं करा रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने सख्ती दिखाते हुए शिक्षा विभाग को निर्देश दिया कि इस तरह नियमों का उल्लंघन और मनमानी करने वाले प्राइवेट स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। विक्टर पब्लिक स्कूल, मौजपुर को शिक्षा विभाग की तरफ से दो बार निर्देश जारी किया जा चुका है कि वो ईडब्ल्यूएस के बच्चों को किताबें, यूनिफॉर्म इत्यादि मुहैया कराएं लेकिन स्कूल ने इस निर्देश का पालन नहीं किया। इसे देखते हुए शिक्षा विभाग ने ईडब्ल्यूएस/डीजी वर्ग से संबंधित नियमों का उल्लंघन करने पर इस स्कूल की मान्यता रद्द करने का नोटिस जारी कर दिया।

जनता संवाद के दौरान मुख्यमंत्री को दो अन्य प्राइवेट स्कूलों- महावीर सीनियर मॉडल स्कूल, संगम पार्क, आरपी बाग और क्वीन मैरी पब्लिक स्कूल, मॉडल टाउन थर्ड के खिलाफ शिकायतें मिलीं। शिकायत में कहा गया कि इन स्कूलों ने मनमाने तरीके से फीस में बढ़ोतरी की है। सरकार ने इस शिकायत को बहुत गंभीरता से लिया है क्योंकि मनमर्जी से फीस बढ़ाना सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय के फैसलों का उल्लंघन है। इस मामले में भी शिक्षा विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिये गये। इन दोनों स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिक्षा विभाग ने इन्हें निर्देश दिया है कि वो तुरंत फीस बढ़ाने वाला फैसला वापस लें और जिन पैरेंट्स से बढ़ी हुई फीस जमा कराई गई है उसे तुरंत वापस करें, अन्यथा शिक्षा विभाग इन स्कूलों में अन्य कार्रवाई करेगा।

जनता संवाद के दौरान एक अन्य शिकायत में कुछ पैरेंट्स ने मुख्यमंत्री को बताया कि बाल भारती पब्लिक स्कूल, पीतमपुरा 7वें वेतन आयोग को लागू करने के नाम पर बढ़ी हुई फीस ले रहा है। मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल से कहा कि वो इस शिकायत पर अपनी स्थिति स्पष्ट करे। अपने जवाब में बाल भारती पब्लिक स्कूल ने कहा कि उसने 2016-17 और 2017-18 के दौरान किसी तरह की फीस बढ़ोतरी नहीं की है। जवाब में ये भी कहा गया कि इस संबंध में शिक्षा विभाग के निर्देशों का पालन किया जाएगा। स्कूल की तरफ से दिये गये जवाब में बताया गया कि सभी तरफ से इकट्टा किये गये अतिरिक्त फंड्स को अलग रखा गया है और उसे एडजस्ट किया जाएगा।