वैश्विक महोत्सव में संस्कृति रक्षा और प्रकृति संरक्षण पर खास सेमिनार

  |    December 26th, 2017   |   0

                                 6 दिनों तक चलेगा महोत्सव, इस दौरान होंगे कई सेमिनार
                     25 से 30 दिसंबर तक नईदिल्ली के कांस्टिट्यूशन क्लब में चलेगा महोत्सव
नई दिल्ली (संवाददाता)- वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव का उद्घाटन 25 दिसंबर को वैदिक यज्ञ से हुआ। विश्व मित्र परिवार की ओर से 6 दिनों वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया है। इस खास महोत्सव में कई सेमिनार का आयोजन भी किया गया है। जो संस्कृति की रक्षा और प्रकृति संरक्षण पर हो रहे हैं। इस खास सेमिनार में कई विद्वजन अपने विचार रखें। उद्घाटन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में संघ प्रचारक श्री इंद्रेश जी मौजूद रहे। उन्होंने इस वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।

कार्यक्रम की शुरुआत विशिष्ट अतिथिगण विधिवत दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस खास महोत्सव की शुरुआत में पूर्व आईएफएस सीएम भंडारी ने योग की महत्ता पर खास जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यह शरीर प्रकृति की है। प्रकृति इसकी मां है। प्रकृति को हम सभारेंगे तो वह हमें खुद संभारेंगा। शरीर को स्वस्थ रखने के लिए प्रकृति का साथ जरूरी है। भंडारी ने प्रकृति और योग की महत्ता को बताते हुए कहा कि अगर आज हम प्रकृति के साथ हो जाए तो 80 फीसदी रोग अपने आप दूर हो जाएगा।

बच्चों को तकनीक से सीखाएं- गुरु जी

इस खास मौके पर विश्व मित्र परिवार व प्रकृति परिवार के संस्थापक गुरु जी भू अतिथियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम का विवरण देते हुए कहा कि विश्व मित्र परिवार वसुधैव कुटुम्बकम पर आधारित संपूर्ण वैज्ञानिक भारतीय संस्कृति एवं प्रकृति पर्यावरण संरक्षण पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि जिस तथ्य को ध्यान में रखकर वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव का आयोजन किया गया है इसमें युवाओं के लिए काफी मौका है। जिस प्रकार से अभी तक युवाओं ने उत्साह दिखाया है वह लाजवाब है। गुरू जी भू ने कहा कि अभी तक हम 101 सेमिनार कर चुके हैं। आज बच्चों को फिल्मों से सिखाने की जरूरत है। आज तकनीक के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। बच्चे फिल्मों से अधिक और जल्दी सीखते हैं। तो हम इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। गुरू जी भू ने कहा कि आज जिस प्रकार से महानगर प्रदूषण की चपेट में आ गई मानव रक्षा के लिए इसका निदान केवल जागरूकता से ही संभव है। हम अपनी पीढ़ी को क्या दे रहे हैं। यह आज सोचने को हम मजबूर हैं। इसी को ध्यान में रखकर विश्व मित्र परिवार छह दिनों का कार्यक्रम का आयोजन किया है।
इस प्रकृति फिल्म महोत्सव में कई क्रिएटिव फिल्में दिखाए जाने की शुरुआत हो चुकी है। जिसमें खास भागीदारी युवाओं का है। गुरु जी भू ने कहा है कि विश्व मित्र परिवार संस्था संपूर्ण पर्यावरण संरक्षण महाभियान चला रही है इसके अंतर्गत वर्ष भर कुछ सार्थक प्रयास करते रहे हैं। जिसमें पूरे भारत सहित विश्व भर के सामाजिक कार्यकर्ता, विद्वान, विदूषी, विशेषज्ञ, वैज्ञानिक, शिक्षाविद्, प्रकृति प्रेमी, पर्यावरणविद् किसान, महिला विद्यार्थी, संस्था आदि सभी तरह के व्यक्तित्व भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि वैश्विक फिल्म महोत्सव से नए आयाम का शुभारम्भ भी विश्वगुरु भारत से हो तो विश्व को एक नया संदेश देना है। जो इस कार्यक्रम के द्वारा ऐतिहासिक पहल है। यह अपनी तरह का विश्व का अनूठा कार्यक्रम है। वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव में योग पर जो चर्चा हुई है निश्चिततौर पर इसका लाभ उपस्थित श्रोतागण लिए हैं।।

प्रकृति पर ज्ञान देने की जरूरत

इस मौके पर राष्ट्रीय हिंदू महासभा की साध्वी पूर्वी साक्षी ने कहा कि आज प्रकृति पर ज्ञान देने की जरूरत हो गई है जिसके लिए सभी को आगे आना होगा। गुरुजी भू ने जो कदम उठाए हैं वह अद्भूत है। इस मौके पर प्रो. ग्ले टी मार्टिन ने भारत और इजराइल के भागीदारी पर खास चर्चा की। उन्होंने कहा कि आज विश्व में पर्यावरण पर खास चर्चा हो रही है जिसकी अगुवाई भारत को करना चाहिए। ग्ले टी मार्टिन ने कहा कि आज जिस प्रकार से विश्व पर्यावरण प्रदूषण से जुझ रहा है ऐसे में भारत से जैसे इसका समाधान दे सकता है।

इस मौके पर इंद्रमोहन अग्रवाल ने प्रकृति में पांच तत्वों की चर्चा करते हुए कहा कि हमारा शरीर इन तत्वों से ही बना है। हमें इसको शुद्ध रखने की जरूरत है। प्रसन्नता हमारे अंदर है जिसको सदा बनाकर रखने की जरूरत है।

भाजपा ने पंकज त्यागी ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चलाए गए स्वच्छता अभियान पर जोर देते हुए कहा कि जिस प्रकार से प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम की शुरुआत की है वह प्रकृति से जुड़ा है। प्रधानमंत्री ने योग पर खास जोर दिया है जिसका लाभ आज लोग ले रहे हैं। ग्लोबल फिल्म महोत्सव आगे तेजी से मार्गदर्शन करेगा इसकी शुभकामना।

इस खास मौके पर डॉलीवुड फिल्म एसोसिएशन के अध्यक्ष व संस्थापक राम कृष्ण देव ने कहा कि गुरू जी भू ने पहले भी पेड़ लगाने का अभियान चलाया था जिसका लाभ लोगों ने लिया है। आज फिर से प्रकृति की ओर लौटने की जरूरत है। प्रकृति पर फिल्म बनाने की जरूरत है जिसके लिए सदा आगे आना चाहिए। आज यहां कई प्रोड्यूसर है हमें लोगों को इस ओर प्रोत्साहित करने की जरूरत है। गुरू जी भू जो भी संकल्प करते हैं उसे पूरा करते हैं यह उनकी खूबी है।

ग्लोबल प्रकृति फिल्म महोत्सव को संबोधित करते हुए डॉ श्री कांत पाणिग्रही जी ने कहा कि आज इस प्रकार की जो महोत्सव हो रहा है यह सुखद है। प्रकृति सारे सृजन का केंद्र है। सबका केंद्र बिंदू प्रकृति ही हैं। आज हम सीमित स्वार्थ के लिए कार्य कर रहे हैं यह नहीं होना चाहिए।

ग्लोबल प्रकृति फिल्म महोत्सव के पहले दिन इजरायल की फिल्मी दिखाई गई जिसको देखकर लोगों ने काफी सीख ली। भारत और इजरायल के 25 वर्ष के दोस्ताना पर खास फिल्माया गया यह फिल्म को देखकर युवा निर्देशक काफी उत्साहित दिखे।

अटल जी के जन्मदिन पर हुआ खास आयोजन – 
वैश्विक फिल्म महोत्सव अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय जी का जन्म दिन पर खास चर्चा हुई है। अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय द्वारा किए गए महान कार्यों पर भी चर्चा हुई।
वैश्विक प्रकृति फिल्म महोत्सव से नए आयाम का शुभारम्भ भी विश्वगुरु भारत किया है इससे विश्व को एक नया संदेश दिया गया है। जो इस कार्यक्रम के द्वारा ऐतिहासिक पहल है। यह अपनी तरह का विश्व का अनूठा कार्यक्रम है।