क्रीमीलेयर लागू हुआ तो देश भर में किया जायेगा पुरजोर विरोध : डॉ. उदित राज

  |    October 3rd, 2018   |   0

                                             युवा शक्ति किसी भी देश का स्वाभिमान होती है :  उदित राज

नई दिल्ली(संवाददाता)-एनएसओएसवाईएफ( नेशनल एससी, एसटी, ओबीसी स्टूडेंट एवं यूथ फ्रंट) का द्वितीय राष्ट्रीय अधिवेशन मावलंकर हॉल, कंस्टीटूशन क्लब में मुख्य अतिथि अनुसूचित जाति/जनजाति संगठनों के अखिल भारतीय परिसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. उदित राज की उपस्थति में संपन्न हुआ | इस अधिवेशन में पूरे देश से 1 हजार से अधिक की संख्या में अनुसूचित जाति/जनजाति, पिछड़ों एवं अल्पसंख्यक वर्ग के युवा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया | कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. उदित राज एवं एनएसओएसवाईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी. हर्षवर्धन ने दीप प्रज्वलन के साथ किया | इसके अतिरिक्त डॉ. उदित राज के जीवन पर आधरित डॉक्यूमेंट्री “द क्रूसेडर” को भी दिखाया गया जिसे बैंगलौर फिल्म फेस्टिवल में सर्वश्रेष्ठ ज्यूरी अवार्ड से सम्मानित भी किया गया था।

डॉ. उदित राज ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा कि “पूरे देश से आये नौजवानों का स्वागत करता हूँ। युवा शक्ति किसी भी देश का स्वाभिमान, आशाओं का केंद्र और भविष्य हैं. वह संगठित होकर असंभव को भी संभव करके दिखा सकते हैं, अन्य वर्गों की तुलना में हमारे समाज में युवाओं में जाग्रति पहले की तुलना में कहीं अधिक दिखती हैं | युवा शक्ति अपनी सूझ-बुझ और साहस से काम लेकर देश में व्याप्त दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के साथ हो रहे सामाजिक भेदभाव को ख़त्म करने की क्षमता है।

डॉ. उदित राज ने आगे सम्बोधित करते हुए कहा कि “हाल ही में माननीय लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन जी ने एक कार्यक्रम में कहा था कि बाबा साहेब अंबेडकर ने सिर्फ 10 साल के लिए आरक्षण देने की बात कही थी, मैं इस पर स्पष्ट कर देना चाहता हूँ कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी ने यह बात देश के आज़ादी के बाद की कल्पना के सन्दर्भ में कही थी कि 10 वर्ष बाद जब देश में जात-पात,  सामाजिक भेदभाव एवं दलितों, पिछड़ों और आदिवासियों को भागीदारी दे दी जाएगी, तब आरक्षण की आवश्यकता नहीं रह जाएगी लेकिन आज 60 वर्ष से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी न तो देश में दलितों और पिछड़ों के साथ भेदभाव ख़त्म हुआ है, न तो सभी स्थानों पर उनके अनुपात के अनुसार समाज में भागेदारी दी गयी है और बात रही नौकरी में आरक्षण की तो उसकी कोई समय सीमा नहीं है ऐसे में आरक्षण समाप्त होने का सवाल ही नहीं पैदा होता है।

इसके अतिरक्त डॉ. उदित राज ने “पदोन्नति में आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए इसके लिए सरकार को धन्यवाद दिया है। उन्होंने कहा कि अब केंद्र और राज्य सरकारों में नौकरी कर रहे अनुसूचित जाति/ जनजाति (एससी-एसटी) के कर्मचारियों व अधिकारियों  के लिए प्रमोशन में आरक्षण का रास्ता साफ़ हो गया है।

लेकिन उन्होंने आगे यह भी कहा कि आरक्षण में क्रीमीलेयर को लागू करने की चर्चा हो रही है। 2008 में अशोक ठाकुर का जज्मेंट, जो 5 जजों का था और उसमें क्रीमीलेयर को लगाने से इंकार कर दिया था और यह भी निर्णय 5 जजों का ही है तो ऐसे कैसे यह उचित है । इस निर्णय में सुप्रीम कोर्ट ने माना है कि पिछड़ेपन का आँकड़ा जुटाना नहीं है अतः यह मान लिया गया है की अनुसूचित जाति/जनजाति, आदिवासी पिछड़े हैं तब कैसे पदोन्नति में आरक्षण देने के लिए क्रीमीलेयर अर्थात आर्थिक मापदंड लागू हो सकता है । प्रथम दृष्टया क्रीमीलेयर का सिद्धांत तो लागू नहीं होता  दिखता अगर ऐसा होता है तो अनुसूचित जाति/जन जाति संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ इसका पुरज़ोर विरोध करेगा |  निजी क्षेत्र में आकर्षण व अन्य मांगों के लिए परिसंघ 1997 से लगातार रैलियां करता आ रहा है | दिसंबर के प्रथम सप्ताह में दिल्ली के रामलीला मैदान में अनुसूचित जाति/जनजाति के संगठनों का अखिल भारतीय परिसंघ ने राष्ट्रीय रैली का आयोजन करने का निर्णय लिया गया है।

एनएसओएसवाईएफ के राष्ट्रीय अध्यक्ष डी. हर्षवर्धन ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि” मैं सबसे पहले हमारे मुख्य अतिथि डॉ. उदित राज का धन्यवाद करता हूँ जो कि हमारे संगठन की एक बुलंद आवाज़ है और हम युवाओं के मार्गदर्शक भी हैं | हमारी मांगों का समर्थन करना एवं उसे संसद तक उठाना ये केवल हमारे मार्गदर्शक डॉ. उदित राज ही है जो कर सकते है और करते आये हैं | भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर को रिहा करने की बात हो या यूजीसी की दलित, आदिवासी और ओबीसी छात्रों के खिलाफ नीतियां इत्यादि सभी मामलों में डॉ. उदित राज ने हमारे समाज के लिए सदैव संघर्ष किया है | कार्यक्रम का सञ्चालन गणेश येरेकर, एवं प्रताप सिंह अहिरवार, अजय पासवान, अमर ज्योति एवं सचिन पटेल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित हुए।