लैंगिक न्याय के दवारा ही महिलाओ का पूर्ण सशक्तिकरण संभव है : लखमी चंद गौतम

  |    March 10th, 2020   |   0

नई दिल्ली (संवादाता)- अंतराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर अंतराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा इंडिया इंटरनेशनल सेंटर मे एक सेमीनार एवं राष्ट्रीय IHRO महिला सशक्तिकरण अवार्ड 2020 समारोह का आयोजन किया गया। जिसका संचालन सुश्री साक्षी दक्ष, श्रीमती सीमा पाठक और श्रीमती विनीका द्वारा किया गया। सेमीनार का विषय :- सशक्त नारी : सशक्त राष्ट्र” था। कार्यक्रम का शुभारम्भ विशिष्ट अतिथि लखमी चंद गौतम, अवर सचिव, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

अपने सम्बोधन मे उन्होंने कहा कि, लैंगिक न्याय के दवारा ही महिलाओ का पूर्ण सशक्तिकरण संभव है और लोकसभा एवं राज्यसभा मे लंबित 33% आरक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए। अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के अध्यक्ष डॉ. नेम सिंह प्रेमी ने महिला सशक्तिकरण हेतु महिला शिक्षा पर जोर दिया।

समारोह मे शिक्षा, चिकित्सा, पत्रकारिता, खेल, कानून, फैशन, साहित्य, कला एवं संस्कृति, विज्ञानं, समाजकार्य, व्यवसाय आदि मे कार्यरत महिलाओ, आई .ए.एस. ईरा सिंघल, आरुषि पोखरियाल निशंक स्पर्श गंगा, नीलेश्वरी बसक, फिरदोस खान , सदस्य दिल्ली महिला आयोग , परिधि शर्मा, लहर शेठी , गुंजन गौर , डॉ. सुमिता दास ,ताशो लिली कागो, काकोली तमोली चौधरी, अमतुल वासित देवा, सुमित्रा रे , संगीता एस बहल , डॉ. रेखा ठाकुर, डॉ. प्रतिभा सिंह, सोनाली शर्मा को सम्मानित किया गया। महिला एवं बाल विकास विभाग दिल्ली के जिला अधिकारी एम. के. चंद्रा. ने कार्यस्थल पर महिलाओ के यौन उत्पीड़न रोकने हेतु सरकार द्वारा बनाये गए अधिनियम और उपायों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में गौरव गुप्ता, अध्यक्ष, राजस्थानी अकादमी अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के उपाध्यक्ष, डॉ. एम.के. वाजपेयी, गिरीश चंद कबड़वाल आदि ने भी सम्बंधित विषय पर अपने विचार व्यक्त किये।

कार्यक्रम मे देश के सभी राज्यों जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, हिमाचल, असम, अरूणाचल प्रदेश, पश्चिम बंगाल के संगठन की महिला सदस्यों ने भाग लिया।