चेज अरोमा थेरापी कॉस्मेटिक्स एंड स्किन केयर इंस्टीट्यूट ने बताए स्किन केयर व सौंदर्य गुणवत्ता में सुधार के तरीके

  |    May 29th, 2018   |   0

प्रगति मैदान में लगी दो दिवसीय सौंदर्य प्रदर्शनी

नई दिल्ली(आर.के.शर्मा)- प्रगति मैदान में लगी दो दिवसीय सौंदर्य प्रदर्शनी में सौकङों नामचीन कंपनियों ने अपने उत्पादों का प्रदर्शन किया, वहीं सौंदर्य विशेषज्ञों ने सुंदरता से जुङे विशेष पद्तियों के बारे में बताया।

चेज अरोमा थेरापी कॉस्मेटिक्स एंड स्किन केयर इंस्टीट्यूट प्रगति मैदान में लगी वार्षिक सौंदर्य प्रदर्शनी में भाग लिया और अरोमाथेरापी उत्पादों की अपनी प्रीमियम रेंज तथा शैक्षिक गतिविधियों का प्रदर्शन किया। चेज अरोमाथेरापी कॉस्मेटिक्स को जाने माने अरोमाथेरापिस्ट और नेचुरोपैथ डॉ. नरेश अरोड़ा और डॉ. नीति अरोड़ा  द्वारा  तैयार किया है। दि चेज स्किन केयर इंस्टीट्यूट 1999 से काम कर रहा है और यह देश भर के सौंदर्य पेशेवरों तथा ब्यूटी क्लिनिक के संचालकों को प्रशिक्षण देने में अहम भूमिका निभा रहा है। इसके लिए यह नियमित रूप से सेमिनार, कार्यशाला का आयोजन करता  रहता है।दि चेज स्किन केयर इंस्टीट्यूट अभी तक  सौंदर्य क्षेत्र से जुङे 5 लाख से ज्यादा लोगों प्रशिक्षण दे चुका है।  डॉ. अरोड़ा के अरोमाथेरापी क्लास में हिस्सा लिया है और तब से सुंदर बनाने के अपने कैरियर को सफलतापूर्वक चला रहे हैं।

चेज अरोमा ब्यूटी क्लिनिक निदेशक डॉ. नीति अरोड़ा और उनकी टीम के महिलाओं में में त्वचा की गड़बड़ियों जैसे उसमें दाग दाग धब्बे, मुंहासे, झुर्रियों, डीहाइड्रेटेड और संवेदनशील त्वचा तथा बाल गिरने की समस्या, गंजेपन, शरीर की गड़बड़ी तथा वजन कम करने का प्रोग्राम शामिल हैं और इसके लिए प्राकृतिक उपचार  मुहैया कराती रही है।

प्रदर्शनी में डॉ. अरोड़ा ने जीवनशैली से जुड़ी आम गड़बड़ियों की रोकथाम और उपचार के लिए भिन्न अरोमा एसेनशियल ऑयल्स के उपयोग का प्रदर्शन किया। इनमें मुहांसे, त्वचा पर दाग धब्बे, गोरापन, बाल गिरना / कम होना / रूसी, त्वचा की एलर्जी और संवेदनशील त्वचा आदि शामिल हैं। वजन कम होना, हाइपर टेंशन, तनाव और अवसाद, उच्च या निम्न बीपी और सौंदर्य से संबंधित अन्य जटिलताएं शामिल हैं। तेज गर्मी और आने वाले बारिश तथा उमस वाले मौसम के लिए नाखून बढ़ाने के नुस्खे भी बताए गए। डॉ. नरेश ने कहा, “त्वचा की देखभाल के रूप में अदृश्य मेकअप भी प्रदर्शित किया गया था। तेज गर्मी के दिनों में चलने वाली शुष्क लू से त्वचा की नमी कम हो सकती है और इससे त्वचा में जलन हो सकती है। इससे चेहरे और शरीर पर स्थायी निशान पड़ सकते हैं।“ उन्होंने कहा कि आने वाले बरसात के मौसम में तपमान और भारी उमस त्वचा के लिए बहुत महत्नवपूर्ण है क्योंकि हमपर हमला करने वाली सूर्य की परबैंगनी किरणों की संख्या बढ़ जाती है। इससे त्वचा एलर्जिक हो जाती है। कुल मिलाकर, इसक असर यह होता है कि त्वचा की ऊपरी परत अमूमन  निकल जाती है। डॉ. नरेश के मुताबिक अरोमाथेरापी के आवश्यक तेलों से हमें इस समस्या से निपटने में सहायता मिल सकती है। इसके लिए हम ऐसे सनस्क्रीन और फेस व बॉडी लोशन का चुनाव करते हैं जिसमें नेचुरल ऑयल मिला हो।

डॉ. अरोड़ा ने गर्मी के मौसम में तंदिरूस्त रहने के लिए हल्के भोजन खासकर तरल डाइट, ढेर सारा पीने का पानी, हल्का व्यायाम और सकारात्मक सोच का खास मंत्र दिया।उन्होंने बताय कि इससे बॉडी डीटॉक्सीफिकेशन का हमेशा लाभ मिलता है और सकारात्मक सोच से हमेशा हमें इस मुश्किल मौसम में बने रहने में सहायता मिलती है।

20000 से ज्यादा सौंदर्य पेशेवरों को प्रशिक्षण  दे चुकी डॉ नीति ने ब्राइडल मेकअप और नेल आर्ट टेकनीक में नवीनतम प्रवृत्तियों का प्रदर्शन किया। आने वाले शादी के मौसम में ब्यूटीशियंस के लिए यह बहुत उपयोगी साबित होने वाला है।