सिचाई क्षेत्र में जल स्त्रोतों के कुशल उपयोग के लिए केंद्र सरकार ने किया हरियाणा को पुरस्कृत

  |    January 5th, 2018   |   0

नई दिल्ली(संवाददाता)-  सिचाई क्षेत्र में जल स्त्रोतों के कुशल उपयोग के लिए केंद्र सरकार ने हरियाणा राज्य को पुरस्कृत किया। केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड द्वारा दिल्ली में आयोजित केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड दिवस व पुरस्कार  समारोह,2018 में केंद्रीय जल संसाधन राज्य मंत्री से हरियाणा के सिंचाई एवं जल विभाग के मुख्य अभियंता डाॅ सतबीर सिंह कादियान ने उक्त पुरस्कार प्राप्त किया।

इस अवसर पर मौजूद रहे हरियाणा आवास बोर्ड के चेयरमैन जवाहर यादव ने बताया कि हरियाणा प्रदेश को यह पुरस्कार प्रथम बार प्रदत्त हुआ है। यह सब हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहरलाल के मार्गदर्शन व हरियाणा के सिंचाई विभाग के कार्यों का सुपरिणाम है। उल्लेखनीय है कि हरियाणा के सिंचाई एवं जल विभाग का कार्यभार स्वयं हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहरलाल ने पास है। सिंचाई क्षेत्र में प्रदेश सरकार द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों के परिणामस्वरूप वर्ष 2014 की तुलना में जेएलएन फीडर में जल उपलब्धता  में 150 % की वृद्धि हुई है।महेंद्रगढ़ कैनाल में जल की उपलब्धता में 200 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।

जेएनएल कैनाल कैरियर की जल उपलब्धता में 300 प्रतिशत वृद्धि हुई है। वर्ष 2004 से वर्ष 2016 के मध्य जेएलएन फीडर की क्षमता 3451 क्यूसिक की गई। वर्ष 2016 तक जेएलएन फीडर का संचालन 50% से कम रहा।वर्ष 2016 में जेएलएन फीडर के पुनर्भरण का कार्य किया गया और धरातलीय स्तर पर कार्य किया गया।कम खर्च से जेएलएन फीडर का संचालन 85% क्षमता के साथ किया गया। नाबार्ड की कुल 143 करोड़ रूपये की परियोजना का क्रियान्वयन अंतिम चरण में है और मई,2018 तक पूर्ण हो जाएंगा।

लोहारू उठान का सुदृढ़ीकरण का कुल 25.75 करोड़ रुपये का कार्य जून,2018 तक पूर्ण हो जाएगा। लोहारू उठान के सुदृढ़ीकरण के परिणामस्वरूप नारनौल,महेंद्रगढ़,लोहारू,दादरी,भिवानी व रेवाड़ी में सिंचाई जल की उपलब्धता बढेगी। जल महल ,
मसानी बैराज, कृष्णावती रिवरबैड व हामिदपुर् बूंद में जल भरने से भूमिगत जलस्तर उपर उठेगा।नहरों के हेड व टेलों पर कुल 237 पंप हाउसों पर 5,000 पंपों की समय संचालन क्षमता का मूंल्याकन कर परस्पर परिवर्तित किया गया।
नहरों की मरम्मत की गई और बाहरी मिट्टी को नहरों में गिरने से रोकने के लिए बैरियर वाल का निर्माण भी किया गया। लगभग 25 वर्षों के उपरांत राजस्थान की सीमा से लगते हरियाणा के गांवों में पानी पहुँचाने की उल्लेखनीय उपलब्धि रही है। नहरों की क्षमता व सुदृढ़ीकरण के लिए मनरेगा योजना के अंतर्गत कार्य करवाने वाला हरियाणा राज्य देश में प्रथम राज्य है।
हरियाणा प्रदेश में वर्ष 1970 में लगाए/स्थापित किए गए जंग लग चुके पंपों को परिवर्तित किया गया। कुछ पंपों की मरम्मत की गई। डिजाइन क्षमतानुसार  पंपिग स्टेशनों  की कार्य क्षमता 30 % से बढकर 75% तक हुई है। जल हौदियों की सफाई कर दुरूस्त किया गया।पंपो पर विद्युत उपकरणों के जलने व पंपो के अचानक अवरूध होने के कारणों का भी अध्ययन किया गया।
पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड के अध्यक्ष श्री रविन्द्र कुमार वर्मा ने स्वागत संबोधन किया। समारोह को केंद्रीय सिचाई एवं विद्युत बोर्ड के उपाध्यक्ष श्री मसूद हुसैन ने भी संबोधित किया।पुरस्कार वितरण समारोह में केंद्रीय सिंचाई एवं विद्युत बोर्ड के सचिव श्री वी के कंजलिया ने मुखयातिथि व सभी आगंतुक अतिथियों का आभार व्यक्त किया।
समारोह को महाराष्ट्र के जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन व राजस्थान के जल संसाधन मंत्री पुष्पेंद्र सिंह ने भी संबोधित किया।केंद्रीय जल संसाधन मंत्रालय के सचिव यू पी सिंह व  केंद्रीय विद्युत मंत्रालय के सचिव अजय कुमार भल्ला ने भी समारोह को भी संबोधित किया।