राष्ट्रपति दरबार पहुंचा सीलिंग का मामला

  |    May 29th, 2018   |   0

बीयूवीएम के नेतृत्व मे व्यापारियों ने लगायी महामहिम से गुहार

नई दिल्ली(कमल प्रकाश झा)- सुप्रीम कोर्ट की मॉनिटरिंग कमेटी के आदेश पर दिल्ली नगर निगम द्वारा राजधानी के व्यवसायिक क्षेत्रो मे की जा रही सीलिंग की कार्यवाही का मामला सोमवार को महामहिम राष्ट्रपति के दरबार तक पहुंच गया। भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद श्याम बिहारी मिश्रा के नेतृत्व मे व्यापारियो ने महामहिम को बताया कि सीलिंग की कार्यवाही एकतरफा की जा रही है और व्यापारियों को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया जा रहा है।

इस मौके पर व्यापारियों ने जीएसटीए बिल, खाद्य सुरक्षा मानक अधिनियम और वालमार्ट फिल्पकार्ट डील आदि मामलों को भी राष्ट्रपति के समक्ष उठाया। राष्ट्रपति ने व्यापारी नेताओ को आश्वासन दिया कि उपरोक्त सभी सामलो को संबंधित विभागो तक पहुंचाकर उचित कार्यवाही की जाएगी। 

इसके पूर्व बीयूवीएम अध्यक्ष ने राष्ट्रपति को बताया कि दिल्ली में चल रही सीलिंग की आग अब अन्य राज्यो मे पहुंचने लगी है। पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश मे भी सीलिंग की कार्यवाही शुरू हो गई है। उन्होंने कहा कि सीलिंग के चलते व्यापार तहस-नहस हो रहा है। इस मामले मे व्यापारियो को अपना पक्ष रखने का मौका तक नहीं दिया जा रहा है। उन्होंने राष्ट्रपति महोदय से इस मामले पर हस्तक्षेप किए जाने की मांग की। श्री मिश्रा ने राष्ट्रपति के समक्ष जीएसटी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि नई कर प्रणाली मे लगातार बदलाव किए जाने के बावजूद व्यापारियो को कोई राहत नहीं मिल रही है। श्री मिश्रा ने राष्ट्रपति महोदय को जीएसटी के सरलीकरणए व्यापारी कल्याण आयोग के गठन और खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम पर ज्ञापन भी सौंपे।

बीयूवीएम के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाबूलाल गुप्ता ने महामहिम को बताया कि व्यापारियो की समस्याओं के समाधान के लिए अभी तक देश मे कोई भी आयोग नहीं है और न ही कोई मंत्रालय है। कमोवेश यही स्थिति राज्यो मे भी है। लिहाजा व्यापारियो को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए एक राष्ट्रीय व्यापारी कल्याण आयोग का गठन किया जाना चाहिए ताकि उनकी समस्याओं का समाधान हो सके। उन्होंने कहा कि देश के विकास मे व्यापारियों का अहम योगदान है। इसके बावजूद वह पेंशनए मेडिकल आदि की मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। उन्होंने कहा कि बीयूवीए लगातार मांग करता आ रहा हैं कि निश्चित उम्र के बाद व्यापारी को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध होए उसे जीवन यापन के लिए पेंशन मिलेए जिससे वो उसके रोजमर्रा के काम निपटा सके। इसमें आधार उसके द्वारा किए गए बिजनेस का टर्नओवर तथा उसके द्वारा कलेक्ट किए गए कर को बनाया जा सकता हैं।

बीयूवीएम के राष्ट्रीय महामंत्री विजय प्रकाश जैन ने कहा कि जीएसटी काउंसिल समस्याओं के समाधान के लिए बनाए गए मंत्री समूहए कानून सम्मत्त राय देने के लिए कानून कमेटी के समक्ष सभी समस्याओं को बार बार परिलक्षित करने पर भी केन्द्र सरकार के वित्त विभाग द्वारा समस्याओं का समाधान नहीं हो पाया हैं। छोटेण्छोटे व्यापारीए छोटे उद्यमी जीएसटी के मायाजाल से शिक्षा के अभाव में बाहर नहीं निकल पाये हैं। अभी भी भारत का 60 फीसदी व्यापारी अशिक्षित हैं और शिक्षित भी हैं तो केवल जोड बाकी जानता हैंए कम्प्यूटर चलाना तो दूर की बात हैं। ऐसे में वह अपने कर सलाहकार चार्टर्ड अकाउंटेंट पर पूर्णतया निर्भर हैं। जीएसटी से पूर्व कर सलाहकार चार्टर्ड अकाउंटेंट व्यापारी उद्योगपति से मात्र 2ए000 रूपये वर्ष के रिटर्न फाईल करने तथा असेसमेट आदि करने के लेता था। कर सलाहकार चार्टर्ड अकाउंटेंट ने जीएसटी लागू होने के बाद मिनिमम 20ए000 रूपये प्रतिवर्ष इन कार्यों के लिए कर दिये हैं। जीएसटी के लगते ही ये छोटे व्यापारीए उद्यमी इन कर सलाहकारए चार्टर्ड अकाउंटेंट के द्वारा शोषित हो रहे हैं।

बीयूवीएम के महामंत्री किशोर खारावाला ने राष्ट्रपति महोदय को बताया कि ई.वे बिल के लिए जीएसटी परिषद ने जो 50ए000 रुपये मूल्य की जो सीमा निर्धारित की है। वह सही नहीं है। मौजूदा समय के हिसाल से यह सीमा कम से कम 2 लाख रुपये होनी चाहिए। इसके पूर्व बीयूवीएम के चेयरमैन मनोहर लाल कुमार ने राष्ट्रपति महोदय को पुष्प गुच्छ दिया और शाल भेंट की। बीयूवीएम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बाल किशन अग्रवाल और बाबूलाल गुप्ता ने राष्ट्रपति को राजस्थानी पगड़ी पहनाकर उनका अभिनंदन किया।