श्री राम जन्म भूमि मुद्दे पर न्यायालय के फैसला का देश के लोगों ने किया स्वागत

  |    November 9th, 2019   |   0

नई दिल्ली (न्यूज4सिटि डेस्क)- देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रंजन गोगोई की अगुआई वाली पांच सदस्यीय संविधान पीठ ने सर्वसम्मति से 134 साल पुराने अयोध्या मंदिर-मस्जिद विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया। श्रीराम जन्मभूमि पर सर्वसम्मति से आये सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का देश की तमाम राजनीतिक पार्टीयों समेत आम जनता ने इसका स्वागत किया है।

उसी प्रकार सभी समुदायों और धर्मों व राजनीतिक दलों ने सहजता से स्वीकारा और देश में शांति सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

छुट्टी होने के बावजूद आज सुबह 10.30 बजे 5 जजों की पीठ ने श्रीराम जन्मभूमि से जुड़े मामले का फैसला एक मत से सुनाया, तो देश लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। लोगों ने इसे किसी व्यक्ति या पार्टी विशेष की नही बल्कि देश की जीत बताया है। सर्वोच्च अदालत के फैसले के बाद अब राम मंदिर के निर्माण का रस्ता साफ हो गया है।

गौरतलब है कि 5 जजों की पीठ ने अपने फैसले में श्रीराम जन्मभूमि से जुड़ी अयोध्या की 2.77 एकड़ की पूरी विवादित जमीन राम मंदिर निर्माण के लिए दी। शीर्ष अदालत ने कहा कि मंदिर निर्माण के लिए 3 महीने में ट्रस्ट बने और इसकी योजना तैयार की जाए। रामलला विराजमान को दी गई विवादित जमीन का स्वामित्व केंद्र सरकार के रिसीवर के पास रहेगा। चीफ जस्टिस ने मस्जिद बनाने के लिए मुस्लिम पक्ष को 5 एकड़ वैकल्पिक जमीन दिए जाने का फैसला सुनाया।

फैसले के वक्त चीफ जस्टिस ने कहा कि ढहाया गया ढांचा ही भगवान राम का जन्मस्थान है और हिंदुओं की यह आस्था निर्विवादित है।