दंत चिकित्सक डॉ. अपार मलिक बने सफल उद्यमी 

  |    June 6th, 2018   |   0

व्यवसाय में टीमवर्क के बिना कोई सफल नहीं हो सकता – डॉ अपार मलिक

       3500 लोगों की टीम का करते हैं सफल नेतृत्व 

नोएडा – मेरठ के दंत चिकित्सक डॉ अपार मलिक का गाजियाबाद में अपना क्लिनिक था। करीब चार साल प्रैक्टिस करने के बाद उन्होंने डॉक्टरी छोड़ दी और पूरे तौर पर जुड़ गए एशिया के सबसे बड़े प्रत्यक्ष बिक्री कंपनी क्यूनेट के साथ। डॉक्टरी के जमे जमाये पेशे को छोड़ कर वह प्रत्यक्ष बिक्री के व्यवासय में क्यों आए। इस पर उन्होंने कहा कि वर्ष 2012 में कॉलेज के अपने एक पुराने साथी ने व्यापार की संभावना के बारे में उन्हें ताया था। असल में वह अपने व्यवसाय से काफी संतुष्ट थे इसलिए तब उनके प्रस्ताव पर ध्यान नहीं दिया। लेकिन थोड़े दिनों के बाद उन्होंने दिभाग में इस बारे में मंथन किया तो उन्हें इस काम में घुसने में कोई बुराई नजर नहीं आयी। सोचा चलो अतिरिक्त आमदनी हो जाएगी। 

एक सफल उद्यमी बनने के आरंभिक अनुभव के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा पहला महीना काफी बेहतर रहा। ऐसे में उनका उत्साह काफी बढ गया। लेकिन सही मायने में संघर्ष की शुरुआत उसके बाद शुरू हुई। उन्हें तब महसूस हुआ कि उत्साह में काम को शुरू तो किया जा सकता है लेकिन आधे-अधूरे ज्ञान से व्यापार को बढ़ाया नहीं जा सकता। जैसे – जैसे उन्हें कंपनी और व्यापार के बारे में ज्यादा से ज्यादा-ज्यादा जानकारी मिली गई। वैसे – वैसे उन्हें सफलताओं की संभावना दिखायी देने लगी। व्यापार शुरू करने के 14 माह में उन्हें पुणे में प्रशिक्षण शिविर में हिस्सा लेने का अवसर मिला फिर तो उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। कोई तीन -चार महीने के बाद उन्होंने अपनी जमी-जमाई प्रैक्टिस छोड़ दी और पूरी तरह क्यूनेट के हो गए।

उनके सामने चुनौतियां क्या थीं इस सवाल पर उन्होंने कहा उनके सामने सबसे बड़ी चुनौतियां थी लोगों को भरोसा दिलाने की। ऐसे लोगों की कमीं नहीं है जो मानसिक रूप से सुनने को तैयार नहीं हैं। लोगों को विश्वास में लेना आसान काम नहीं है। और ऐसे लोग भी हैं जिन्होंने प्रयत्यक्ष बिक्री के बारे में पहले से अपनी नकारात्मक धारणा बना रखी है। यह संयोग की बात है कि इन्हें वरिष्ठों का सहयोग और समर्थन मिला जिसकी वजह से वह व्यसाय में टिके रहे। आज उनके पास 3500 लोगों की टीम है। सब उनसे समर्थन और मार्गदर्शन की अपेक्षा रखते हैं। इस व्यवसाय में टीमवर्क काफी मायने रखता है। आप तभी सफल हो सकते हैं जब आपकी टीम सफल होगी। डॉ अपार ने कहा अब पहले के मुकाबले उनकी जीवनशैली में काफी अंतर आ गया है। प्रैक्टिस करके जितनी कमाई वह एक साल में करते थे। उतनी कमाई आज वह एक हफ्ते में कर लेते हैं। पैसों की बात छोड़ दें तो उन्हें लगता है कि कि व्यक्तिगत रूप से भी उनकस विकास हुआ है और वह पहले से ज्यादा  परिपक्व हो गए हैं। आज वह किसी भी विषय पर बात कर सकते हैं। विभिन्न क्षेत्र के लोगों से मिलने के कारण उनके व्यक्तित्व का विकास हुआ है।

उनसे पूछा गया कि लोग प्रत्यक्ष बिक्री से कतराते क्यों हैं अपार मलिक ने कहा इसके लिए लोगों में जानकारी का अभाव मानते हैं। समस्या यह है कि अपने आप को शिक्षित करने से पहले लोग नतीजे  पहुंच जाते हैं और लोगों के बीच भ्रांतियां फैलाते हैं। अगर कोई कंपनी बाजार में लम्बे समय तक रहना चाहती है तो ऐसी नीतियां नहीं अपनाएगी जिनसे उसकी प्रतिष्ठा को आंच लगे। क्यूनेट में काम करने के तरीके तय हैं। शुरू में प्रयत्क्ष बिक्री पर कोई सरकारी दिशा निर्देश नहीं था। लेकिन आज के दिन हमारे पास केंद्रीय सरकार द्वारा जारी दिशा निर्देश हैं और क्यूनेट उसका पालन करता है।