72वें स्वतंत्रता दिवस को चेतना संस्था ने बनाया आर्थिक आजादी का उत्सव

  |    August 19th, 2018   |   0

नरेश शांडिल्य द्वारा लिखित पुस्कतक ‘मैंने है को है कहा’ का लोकार्पणनई दिल्ली(भारती सैनी)- चेतना द्वारा रोहिणी के होटल क्राउन प्लाजा में 72वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष में आर्थिक आजादी का उत्सव का आयोजन किया गया। जिसमें बिजनेस सैमिनार, परिवार से राष्ट्र एवं कवि सम्मेलन आयोजित किया गया। इस मौके पर नरेश शांडिल्य का अभिनन्दन किया गया तथा उनकी पुस्तक ‘मैंने है को है कहा’ का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम का संचालन चेतना के अध्यक्ष एवं कवि राजेश चेतन ने किया। रवि जैन व युगल मल्होत्रा के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता बाल स्वरूप राही ने की।
इस कार्यक्रम में बिजनेस कोच सीए राकेश शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में बोलते हुए उपस्थित जनसमूह को बताया कि आज कल की युवा पीढ़ी अपने पैतृक व्यवसाय में क्यों नहीं आना चाहती? उनका कहना था कि बिजनेस के साथ-साथ अपने स्वास्थ्य व परिवार की चिन्ता भी आवश्यक है। आज की युवा पीढ़ी की सोच अलग है इसलिए अगर हमें अपने बिजनेस को आगे बढ़ाना है और अपने बच्चों को उसमें शामिल करना है तो उनकी सोच के साथ ताल मेल बनाना आवश्यक होगा। साथ ही अपने व्यवसाय में बदलते समय के अनुसार बदलाव लाना आवश्यक है तभी हम अपने व्यवसाय को सही ऊंचाईयों तक पहुंचा सकते हैं। इस मौके पर कवि लक्ष्मण शंकर बाजपेयी, अनिल शर्मा, अनिल मीत, शशिकांत, ताराचन्द शर्मा नादान व संजय प्रभाकर ने अपने-अपने अंदाज में कविता पाठ किया।
कार्यक्रम को सफल बनाने में विशिष्ट संरक्षक हरि कृष्ण अग्रवाल, युगल मल्होत्रा, रवि जैन, चेतना के अध्यक्ष राजेश चेतन, महामंत्री एन.आर.जैन, कोषाध्यक्ष दिनेश गुप्ता,राजकुमार अग्रवाल,जितेन्द्र गुप्ता, अशोक बंसल, भारत भूषण अलाहाबादी, सतभूषण गोयल, संरक्षक अमित अग्रवाल, पवन कंसल, अशोक जैन, रसिक गुप्ता, अतुल गर्ग, संदीप बंसल, हरिओम महाजन का विशेष योगदान रहा।